तरकश

'तरकश' में कई तरह के तीर होते हैं जो जानलेवा, घातक या कम घातक हो सकते हैं। नाम के अनुरूप ऐसे हीं लेख आपको मेरे ब्लॉग में पढ़ने को मिलेंगे।

24 Posts

7 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 15307 postid : 871419

कांग्रेस की इस अदा पर अपन फिदा है

Posted On: 17 Apr, 2015 Others,हास्य व्यंग में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

बड़े-बुजुर्गों की नसीहतें कितनी काम की होती है ये उन कांग्रेसी कार्यकर्ताओं से बेहतर कौन जानता होगा जिन्होंने   राहुल गांधी की वापसी की ख़ुशी में बड़े अरमानों से संभाल कर रखे पटाखे जलाए। 2014 के आम चुनाव में हुई भारी पराजय से पार्टी को पटाखे फोड़ने का मौक़ा ही नहीं मिल रहा था।  सारे पटाखे ऐसे ही रखे थे। भला हो कांग्रेस के अनुभवी नेताओं का जो  पटाखें संभाल कर रखने की सलाह ये कहकर देते थे कि वो मौक़ा भी आएगा जब हमें भी पटाखों की जरूरत होगी। कुछ दिन सब्र रखो। लंबे इंतज़ार के बाद आख़िर वह वक्त आ ही गया जब कांग्रेसियों को भी आतिशबाज़ी करने का दिन नसीब हुआ। राहुल अज्ञातवास से वापस लौटे और कांग्रेसियों ने पटाखें छोड़कर ऐसे जश्न मनाया जैसे राहुल गांधी ओलंपिक मैडल जीत कर लौटे हों। कमाल की बात ये रही कि ख़ुशी के इस मौक़े पर बीजेपी ने भी कांग्रेसियों के दूध में नींबू नहीं निचोड़ा बल्कि कांग्रेस का साथ देते हुए पार्टी कर ली! बीजेपी ने राहुल की घर वापसी पर न केवल कांग्रेस को बधाई दी बल्कि ज़ोरदार रसगुल्ला  दावत भी दी! हद तब हो गई जब ये पता चला कि कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने उतने पटाखे नहीं फोड़े जितने रसगुल्ले बीजेपी वालों ने निपटा दिए!

राहुल गांधी की घर वापसी की तर्ज पर ही पार्टी के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता भी अपनी पुरानी फॉर्म में वापस लौट आए हैं। उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन करते हुए वरिष्ठ पार्टी नेता अहमद पटेल ने मोदी पर हमला बोलते हुए उन्हें दुर्योधन की तरह हठी बताया है तो अपने बड़बोलेपन के लिए कुख्यात दिग्विजय सिंह ने भी जाने-पहचाने अंदाज में पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में अलगाववादी मसर्रत आलम और गिलानी को ‘साहब’ कहते हुए ऐसे संबोधित किया जैसे वो दोनों राष्ट्रीय मेहमान हों  लेकिन भारत की जनता द्वारा चुने गए पीएम मोदी में उन्हें हिटलर नज़र आया। दिग्विजय सिंह पहले भी कुख्यात आतंकी सरगना ओसामा बिन लादेन के लिए ‘ओसामा जी’ और मुंबई हमलों के आरोपी हाफिज सईद को ‘हाफिज़ साब’ कहकर संबोधित कर चुके हैं। ऐसे में अगर लोगों को लगता कि दिग्विजय सिंह को अपना चश्मा बदल लेना चाहिए तो इसमें कुछ भी ग़लत नहीं है। वैसे अतीत में भी कांग्रेसी नेता पीएम मोदी के संदर्भ में  भाषा की मर्यादा का उल्लंघन ऐसे ही  करते रहे हैं जैसे लोग ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन कर लाल बत्ती पार करते हैं। वहीं अगर कोई सोनिया या राहुल गांधी के खिलाफ थोड़ा सा भी बोल दे तो कांग्रेसी ऐसे भड़क जाते हैं जैसे पेट्रोल में जलती हुई माचिस की तिल्ली डाल दी हो। इससे पहले कि आप मुझे कांग्रेस विरोधी घोषित कर दें साफ कर दूं  कि हर पार्टी  में उल्टा-सीधा बोलने वाले नेता गेंहूं में घुन की तरह हैं। वो चाहे बीजेपी हो या सपा। सब में एक से बढ़कर एक अंड-बंड बोलने वाले हैं। लेकिन जो बात कुछ ख़ास कांग्रेसी नेताओं के बड़बोलों में  हैं वो और कहां? अब देखो अपनी खोई जमीन वापस पाने के लिए कांग्रेसी नेता  कैसे किसानों के कंधे पर  बंदूक रखकर धांय-धांय फायरिंग कर रहे हैं! कांग्रेसी नेताओं की इसी अदा पर अपन फिदा है! किसानों का दुर्भाग्य है भी देखिए कि पहले बेमौसम बारिश ने तबाह किया,  फिर कांग्रेस ने उनके लिए लड़ने का ऐलान किया हैं। यूपी  में  पहले तो उन्हें चैक ही 50 और 100 रु. के मिले अब ख़बर ये है कि चैक बाउंस हो रहे हैं।  मतलब साफ है कि  कांग्रेस को भले ही उसकी खोई जमीन वापस मिल जाए लेकिन किसानों को हुए  नुकसान की भरपाई , खोए वक्त की तरह नहीं होने वाली।

आआपा की विधायक राखी बिडलान का विवादों से ऐसा ही नाता है जैसा दिल्ली के सीएम का खांसी से। हालांकि अरविंद केजरीवाल को खांसी से राहत मिल गई है लेकिन बिडलान का विवादों से पीछा नहीं छूट रहा है। हालिया विवाद राखी के जन्मदिन पर हुए हंगामें से है। राखी के जन्मदिन की पार्टी जब पूरे शबाव पर थी कि तभी कुछ लोगों ने वहां पहुंच कर न केवल हंगामा कर किया  बल्कि उनके भाई से धक्का-मुक्की भी की। अब जब हालात ऐसे हो जाए तो समझ नहीं आता कि जन्मदिन की पार्टी की ख़ुशी में डांस किया जाए या भाई (और वो भी विधायक) के साथ हुई धक्का-मुक्की के गम में अपने बाल नोच ले! ऊपर से राखी को अपनी पार्टी और मीडियावालों को ये सफाई जरूर देनी पड़ रही है कि घर में खड़ी स्कॉर्पियो गिफ्ट में नहीं मिली है। हालत खाया-पिया कुछ नहीं गिलास तोड़ा बारह आना जैसे हो गई!

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

0 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments


topic of the week



latest from jagran